Thursday, 16 February 2012
Saturday, 21 January 2012
Saturday, 14 January 2012
एक महत्त्वपूर्ण आग्रह - आरसीएम परिवार से
जय आरसीएम ,
आपके द्वारा कई तरह की मेल और कमेन्ट्स लगातार मिल रहे हैं लेकिन ब्लाँग की अपनी
कुछ सीमाये है जिसके चलते सभी को पबलिस करना सम्भव नही है लेकिन यह निश्चित
है कि आपके द्वारा भेजी पोस्टो और कमेन्ट्स के माधम्य से आरसीएम के पक्ष मे जो
भावनाये व्यक्त की जा रही है निश्चित रूप से उससे अन्य साथियो का मनोबल तो बढ ही
रहा है साथ ही दुनिया को यह भी पता चल रहा है कि वास्तव मे आरसीएम क्या है ?
उसकी सोच क्या है और उसके साथ कैसे लोग जुडे हुये हैं और अपने देश को इस सिस्टम
की कितनी आवश्यकता है ।
कुछ सीमाये है जिसके चलते सभी को पबलिस करना सम्भव नही है लेकिन यह निश्चित
है कि आपके द्वारा भेजी पोस्टो और कमेन्ट्स के माधम्य से आरसीएम के पक्ष मे जो
भावनाये व्यक्त की जा रही है निश्चित रूप से उससे अन्य साथियो का मनोबल तो बढ ही
रहा है साथ ही दुनिया को यह भी पता चल रहा है कि वास्तव मे आरसीएम क्या है ?
उसकी सोच क्या है और उसके साथ कैसे लोग जुडे हुये हैं और अपने देश को इस सिस्टम
की कितनी आवश्यकता है ।
अपने बहुत से साथी आज नेट के माध्यम से दुनिया से जुडे हुये है उनके ध्यान मे यह
बात लाना चाहता हूँ कि आज के समय मे फेसबुक या ईन्टेर्नेट एक ऐसा माध्यम है जिस
पर हर प्रकार के करोडो लोग विजिट करते है । इसलिए आपको उस पर कुछ भी
शेयर करने से पहले बहुत सावधानी रखने की ज़रूरत है । जैसा कि हम जानते ही है कि
अभी आरसीएम का मामला कोर्ट मे चल रहा है और अपेक्षा है कि बहुत जल्द सच्चाई
सब के सामने आएगी की आरसीएम चिटफण्ड कम्पनी नहीं हैं । इसलिये सभी को नेट पर
कुछ भी शेयर कर अपनी उपस्थिती दर्ज कराने जैसी स्थिति से बचना चाहिये । बिना पूरी
बात जाने या समझे कोई बात किसी के पक्ष या विपक्ष मे बोलने या लिखने से
बचना चाहिये न ही कोर्ट के फ़ैसले से सम्भावित कोई टिप्पणी करनी चाहिये । यदि
किसी साथी के पास कोई आगामी बैठक या योजना के सम्बन्ध मे कोई जानकारी हो
तो उसे भी उत्तेजित होकर शेयर करने की आवश्यक्ता नही है वरिष्ट साथी जब आवश्यकता
होगी उस पर निरण्य कर अपको जरूर सूचित करेगे ऐसी अपेक्षा है साथ ही कई छोटे-छोटे
अखबारो की आधारहीन खबरों को शेयर करने से बचे । जिन अख़बारों को कोई पढ़ता ही
नही है उन्हे हम खुद ही फसेबूक/नेट पर डालकर पूरे भारत मे फैला रहे है क्या यह
स्थिति हमारे लिये सही है? आप स्वयं समझ सकते हैं ।
बात लाना चाहता हूँ कि आज के समय मे फेसबुक या ईन्टेर्नेट एक ऐसा माध्यम है जिस
पर हर प्रकार के करोडो लोग विजिट करते है । इसलिए आपको उस पर कुछ भी
शेयर करने से पहले बहुत सावधानी रखने की ज़रूरत है । जैसा कि हम जानते ही है कि
अभी आरसीएम का मामला कोर्ट मे चल रहा है और अपेक्षा है कि बहुत जल्द सच्चाई
सब के सामने आएगी की आरसीएम चिटफण्ड कम्पनी नहीं हैं । इसलिये सभी को नेट पर
कुछ भी शेयर कर अपनी उपस्थिती दर्ज कराने जैसी स्थिति से बचना चाहिये । बिना पूरी
बात जाने या समझे कोई बात किसी के पक्ष या विपक्ष मे बोलने या लिखने से
बचना चाहिये न ही कोर्ट के फ़ैसले से सम्भावित कोई टिप्पणी करनी चाहिये । यदि
किसी साथी के पास कोई आगामी बैठक या योजना के सम्बन्ध मे कोई जानकारी हो
तो उसे भी उत्तेजित होकर शेयर करने की आवश्यक्ता नही है वरिष्ट साथी जब आवश्यकता
होगी उस पर निरण्य कर अपको जरूर सूचित करेगे ऐसी अपेक्षा है साथ ही कई छोटे-छोटे
अखबारो की आधारहीन खबरों को शेयर करने से बचे । जिन अख़बारों को कोई पढ़ता ही
नही है उन्हे हम खुद ही फसेबूक/नेट पर डालकर पूरे भारत मे फैला रहे है क्या यह
स्थिति हमारे लिये सही है? आप स्वयं समझ सकते हैं ।
सभी साथियो से निवेदन है कि कुछ भी लिखने या शेयर करने से पहले अपने
वरिष्ट साथियो से जरूर विचार विमर्स करें । थोड़ी सावधानी और धैर्य रखें, आशा ही
नही पूर्ण विश्वास है कि बहुत जल्द न्याय और सच्चाई की जीत होगी और आरसीएम
परिवार जनवरी की क्लोजिंग ज़रूर करेंगा निश्चित रूप से आज की परिस्थिति मे ऐसी आशा
की जा सकती है
वरिष्ट साथियो से जरूर विचार विमर्स करें । थोड़ी सावधानी और धैर्य रखें, आशा ही
नही पूर्ण विश्वास है कि बहुत जल्द न्याय और सच्चाई की जीत होगी और आरसीएम
परिवार जनवरी की क्लोजिंग ज़रूर करेंगा निश्चित रूप से आज की परिस्थिति मे ऐसी आशा
की जा सकती है
Thursday, 12 January 2012
वकीलों की हड़ताल से रुकी कार्यवाही
आज १२ जनवरी २०१२ हाई कोर्ट में चार जानो की जमानत का फैसला आने वाला था पर
वकीलों की हड़ताल की वजह से .. माननीय हाई कोर्ट फैसला नहीं सुना सका ..
फैसला हाई कोर्ट में सुरक्षित है ... .
Wednesday, 11 January 2012
Subscribe to:
Posts (Atom)



